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अपराध

एक ऐसा डकैत जो बनना चाहता था डॉक्टर लेकिन वक्त ने बना दिया था उत्तर भारत का सबसे बड़ा डाकू

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कहते हैं कि समय बहुत बलवान होता है समय के साथ जीवन में बदलाव आते रहते हैं। जो बनना चाहता था डॉक्टर लेकीन वन गया था डकैत। आज एक ऐसे ही डकैत की कहानी हम आपको बताएंगे। जिसका जन्म उत्तर प्रदेश के जनपद चित्रकूट के गांव लोखरिया में 7 अप्रैल 1972 को हुआ था। जन्म के बाद से उसका नाम रख दिया गया था अंबिका पटेल। अंबिका पटेल समय के साथ-साथ बड़ा होता है और पढ़ने लिखने में काफी होशियार हो जाता हैं। सन 1992 में वह ग्रेजुएशन की परीक्षा पास कर लेता है और ग्रेजुएट हो जाता है। अंबिका पटेल का सपना था कि वह पढ़ लिखकर एक अच्छा डॉक्टर बनेगा और तमाम गरीबों व एहशाय लोगों को फ्री इलाज देगा। लेकिन शायद समय को कुछ और ही मंजूर था। समय बदल जाता है और उत्तर भारत का कुख्यात डकैत अंबिका पटेल बन जाता है। लोग अंबिका पटेल को ठोकिया के नाम से भी जानने लगते हैं।

आखिर क्या थी ऐसी वजह जो उसे बनना पड़ा डकैत

सन 1992 में अंबिका पटेल ग्रेजुएशन पूरी कर चुके थे मन था कि अब पढ़ लिखकर डॉक्टर बनेंगे। लेकिन एक वारदात होती है और वह वारदात अंबिका पटेल को हिला कर रख देती है। अंबिका पटेल की बहन के साथ एक लड़के ने रेप को अंजाम दिया अंबिका पटेल की बहन अपने परिवार वालों से न बताकर अपने भाई से पूरी घटना के बारे में बताती है। लेकिन इज्जत का हवाला देते हुए बदनामी का हवाला देते हुए लड़की को मुंह बंद रखने के लिए कहा जाता है। जो की अंबिका पटेल को गलत लगता है। वह अपनी बहन को थाने लेकर जाते हैं और घटना के बारे में पुलिस को बताते हैं लेकिन पुलिस भी डांट फटकार कर अंबिका पटेल को वापस थाने से भगा देती है। ऐसे में पुलिस के द्वारा जब अंबिका पटेल की वहन के साथ हुई वारदात को नहीं सुना जाता तो वह गांव में पंचायत बुलाते हैं। पंचायत में आए हुए पंचों ने उल्टा अंबिका पटेल की बहन के चरित्र पर ही सवाल उठने शुरू कर दिए भाई और बहन को भरी पंचायत में जलील किया गया। लेकिन उसके बाद भी अंबिका पटेल ने भरी पंचायत में उस लड़के से कहा कि तू अब मेरी बहन से शादी कर ले लेकिन वह लड़का अंबिका पटेल की बात नहीं मानता और यही से अंबिका पटेल का जीवन बदलना शुरू हो जाता है।

एक साथ छह लोगों को उतारा था मौत के घाट

जब पुलिस और पंचायत में अंबिका पटेल की नहीं सुनी गई तो अंबिका पटेल ने उस लड़के की हत्या कर दी और निकल गया विहड की हो विहड में एक डाकू हुआ करता था ददुआ। ददुआ नामक डाकू की शरण में अंबिका पटेल पहुंच गया और ददुआ गैंग में शामिल हो गया। शामिल होने के बाद अंबिका पटेल ने लूट अपरहन जैसी घटनाओं को काफी अंजाम दिया। वहीं दूसरी तरफ अंबिका पटेल ने जिस लड़के की हत्या की थी यानी कि जिस लड़के ने अंबिका पटेल की बहन का रेप किया था। गांव में यह ढिंढोरा पिटवा दिया गया कि कोई भी इसके परिवार से संपर्क नहीं रखेगा।

वही जिस लड़के को अंबिका पटेल ने मारा था। वह भी डाकू ओमनाथ का भतीजा था और इसी वजह से ओमनाथ और अंबिका पटेल की आमने-सामने की दुश्मनी हो गई थी सोमनाथ ने अंबिका की हत्या करने की गांव में मुनादी करा दी थी। अंबिका ने भी अपनी ताकत को बढ़ाना शुरू कर दिया था

मुखवरी करने वाले को अंबिका पटेल ने उतार दिया था मौत के घाट

दशहरे का दिन आता है अंबिका पटेल को गांव आना था अंबिका पटेल गांव पहुंचता है लेकिन गांव के ही कलुआ निषाद मुखबिर के द्वारा अंबिका पटेल की मुखबारी करते हुए पुलिस को सूचना दे दी जाती है। जिसके बाद से पुलिस अंबिका पटेल के गांव को घेर लेती है। लेकिन उस समय अंबिका पटेल पुलिस को चकमा देते हुए किसी तरह फरार हो जाता है। उसके दो दिन के बाद ही अंबिका गांव में पहुंचता है और मुखवरी करने वाले कलुआ निषाद को दिनदहाड़े मौत के घाट उतार देता है। वही अंबिका ने गांव वालों को उसकी बहन के साथ रेप करने वाले लड़के के परिवार वालों से संबंध रखने के लिए मना करता है। ओमनाथ को वह ठिकाने लगाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा था। अंबिका को जानकारी मिलती है कि डाकू ओमनाथ अपने घर पर रुकने वाला है अंबिका पटेल ओमनाथ के घर पर हमला बोल देता है और घर में आग लगा दी जाती है। लेकिन डाकू ओमनाथ किसी तरीके से बचकर वहां से भाग जाता है। जिसमें अंबिका पटेल ने छह लोगों की हत्या की थी। अंबिका किसी भी हत्या को करता तो कहता कि साले को ठोक दिया अंबिका का नाम भी इसी वजह से ठोकिया पड़ गया था लोग उसे ठोकिया कहने लगे थे।

अंबिका पर घोषित हुआ 6लाख का इनाम

6 लोगों की हत्या करने के बादअंबिका उर्फ ठोकिया डाकू का तीन राज्यों में आतंक फैल गया था। कुछ ही समय में ठोकिया डाकू पर लगभग 80 मामले दर्ज हो गए थे। अंबिका उर्फ ठोकिया सरकारी कर्मचारी रसुकदारों और धनवान व्यक्तियों को लूटने लगा था या यू कहें कि उन्हें अपना शिकार बनने लगा था। लेकिन साल 2007 आता है और उस समय बहुजन समाज पार्टी की सरकार बनती है और मुख्यमंत्री के रूप में मायावती शपथ लेती हैं 2007 में मायावती की सरकार बनने के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती डकैतों के खिलाफ कार्यवाही करने के लिए आदेश दे देती है। मुख्यमंत्री के आदेश के बाद लगातार एसटीएफ बदमाशों, डकैतों का लगातार सफाई कर रही थी। एक दिन ऐसा आता है कि जब एसटीएफ के द्वारा ददुआ डाकू को मार गिर दिया जाता हैं। ददुआ अंबिका पटेल का गुरु भी था और यही वजह थी कि अंबिका पटेल अपने साथियों के साथ एसटीएफ पर हमला बोल देता है। जिसमें 6 पुलिस कर्मियों सहित एक मुखबिर की मौत हो जाती है वही उत्तर प्रदेश सरकार ने पुलिस कर्मियों की मौत का बदला लेने के लिए ठोकिया पर ₹6 लख रुपए का इनाम घोषित कर दिया था।
पुलिस को साल 2008 में यह सूचना मिलती है कि अंबिका उर्फ ठोकिया कर्वी क्षेत्र में आने वाला है। पुलिस ने सिलखोरो के जंगलों में ठोकिया उर्फ अंबिका पटेल को घेर लिया फिर दोनों तरफ से फायरिंग शुरू हुई लगभग बताया जाता है डकैत और पुलिस की मुठभेड़ रुक-रुक कर 7 घंटे तक चलती रही। जिसमें अंबिका पटेल उर्फ ठोकिया पुलिस की मुठभेड़ में मारा गया था।



“जितने वाले कुछ अलग चीज़े नहीं करते बस वो चीज़ो को अलग तरीके से करते हैं !!
“आप तब तक नहीं हार सकतें !

Anuj Goswami

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