अपराध
दबंग स्टाफ से प्रताड़ित होने पर प्रधानाचार्य ने मौत को लगाया गले, 18 पेज के सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर कब्जे में लिया, मुकदमा दर्ज कर की जाँच शुरु
गजरौला/अमरोहा (सब का सपना) सौरभ गोस्वामी:- जनपद में मंगलवार की सुबह कम्पॉजिट विद्यालय के प्रधानाचार्य ने फांसी के फंदे पर लटक कर जान दे दी , मृतक प्रधानाचार्य संजीव ने 18 पेज का सुसाइड नोट भी लिखकर छोड़ा है, सुसाइड नोट में स्कूल के दो शिक्षक और बीएसए को जिम्मेदार ठहराते हुए अपना दर्द बयां किया है, *घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फोरेंशिक टीम को मौके पर बुलाया* प्रधानाचार्य सुबह जल्दी स्कूल आ गए थे उन्होंने स्कूल ऑफिस में ही फांसी लगाई है, घटना की जानकारी तब हुई जब शिक्षक ओर बच्चे स्कूल पहुँचे।स्कूल में प्रधानाचार्य के सुसाइड की खबर के बाद पुलिस और प्रशासन के सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंचे, वही घटना को गंभीरता से देखते हुए पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर कमरे की जांच की फिलहाल कमरे को सील कर दिया गया है,
प्रधानाचार्य संजीव ने यातनाओं से तंग आकर लगा ली फांसी
प्रधानाचार्य संजीव गजरौला इलाके के सुल्तानठेर गांव में कम्पॉजिट बिद्यालय के प्रधानाचार्य थे, प्रधानाचार्य का स्कूल के ही किसी साथी टीचर से विवाद चल रहा था घटना के बाद सैकड़ो ग्रामीण मौके पर पहुंच गए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है संजीव कुमार ने सुसाइड नोट में लिखा की मैं राघवेंद्र सिंह, सरिता सिंह और बीएसए मैडम से दुखी होकर आत्महत्या कर रहा हूं, राघवेंद्र और सरिता गाली गलौज करते हैं, उनकी यातनाओं से तो मरना अच्छा है, मैं उनकी दबंगई 2 अप्रैल 2019 से झेल रहा हूं , मैं इनकी जांच सीबीआई से करवाना चाहता हूं उन्होंने लिखा मेरी सभी अधिकारियों से हाथ जोड़कर प्रार्थना है की जांच करता मुरादाबाद मंडल का ना हो क्योंकि उनकी दबंगई पूरे मंडल में चलती है प्रताड़ना की सारी दास्तां सुसाइड रजिस्टर में लिखी है जो 18 पेज का है जब तक डीएम साहिबा और बीएसए मैडम न आए तब तक मेरी बॉडी को छूना नहीं मेरे पास स्कूल का कोई सामान नहीं है दोनों टैबलेट नई वाली अलमारी में रखे हैं परिमा शर्मा को स्कूल का इंचार्ज बनाना है वही सबसे सीनियर टीचर हैं।
मृतक प्रधानाचार्य संजीव के बेटे ने बताया कल रात से थे ज्यादा परेशान
मृतक के बेटे अनुज सिंह ने बताया कि स्कूल टीचर पिता को प्रताड़ित करते थे हर रोज लड़ाई करते थे आज घर से 7 बजे निकले थे दूसरे टीचरों ने शव लटकता देख इसके बाद उन लोगों ने मुझे सूचना दी पिता ने व्हाट्सएप पर मुझे मैसेज भी किया था लेकिन देखने से पहले डिलीट कर दिया था कल रात से वे परेशान दिख रहे थे हमने उनसे पूछा भी लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया।
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