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धनौरा में विश्व हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर साहित्यिक संगोष्ठी एवं कवि सम्मेलन का आयोजन

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एसडीएम विभा श्रीवास्तव ‘हिन्दी भाषा’ को बताया भारत की आत्मा

धनौरा/अमरोहा (सब का सपना):- जनपद के मंडी धनौरा में विश्व हिंदी दिवस की पूर्व संध्या पर अखिल भारतीय साहित्य परिषद ने एक साहित्यिक संगोष्ठी और कवि सम्मेलन का आयोजन किया। इस अवसर पर विभिन्न साहित्यकारों को उनके योगदान के लिए सम्मानित भी किया गया।

बता दें कि नगर के बाईपास मार्ग स्थित एक मांगलिक संस्थान में शुक्रवार को आयोजित इस कार्यक्रम का उद्घाटन पूर्व परिवहन मंत्री अशोक कटारिया के पिता प्रधान रुमाल सिंह कटारिया और उपजिलाधिकारी धनौरा विभा श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से किया। मुख्य अतिथि एसडीएम विभा श्रीवास्तव ने कहा कि ‘आत्मबोध से विश्वबोध’ भारत की अनुपम विरासत है और हिंदी भारत की आत्मा है, जो विश्व में तेज़ी से बढ़ रही भाषा है।

इसके अलावा जनपद के विभिन्न अंचलों से आए कवियों ने हिंदी की महिमा का वर्णन किया। साहित्यकार बांकेलाल सारस्वत ने स्वयं को हिंदी का प्रबल पुजारी बताया। क्रांतिकारी कवि विमल किशोर वंदेमातरम् ने अपनी रचनाओं से भारतीय बोध को उद्घाटित किया और सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।युवा कवि एवं ग़ज़लकार हर्ष अमरोही ने अपनी रचनाओं से युवाओं को हिंदी से जोड़ा, जबकि सफ़र अमरोही ने भारतीय संस्कृति व परंपराओं को अपनी रचना का आधार बनाया और हिंदी को भारत की जनभाषा बताया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ज़िलाध्यक्ष डॉ. यतींद्र कटारिया ने सभी से वाणी और व्यवहार में हिंदी को सर्वोपरि रखने का आग्रह किया। कार्यक्रम का संचालन हर्ष अमरोही ने किया। इस दौरान डॉ. आदित्य चौहान, प्रशांक त्यागी, नरेंद्र कटारिया, हरिओम त्रिवेदी, सूरज अग्रवाल, सुमित नागर, सर्वेश शर्मा, राजेंद्र सिंह सैनी, योगेश चौधरी, आदि देवव्रत यादव, विमल कुमार और राहुल शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।



“जितने वाले कुछ अलग चीज़े नहीं करते बस वो चीज़ो को अलग तरीके से करते हैं !!
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Anuj Goswami

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