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भीड नियंत्रणः मथुरा वृंदावन को प्लान नहीं,मास्टर प्लान’ की है जरूरत
धर्म नगरी में पिछले साल लगभग सात करोड लोग पहुंचे थे
वीक एंड पर 10 से 20 लाख पहुंच जाता है श्रद्धालुओं का आंकड़ा
मथुरा(राजकुमार गुप्ता):- यातायात एवं भीड नियंत्रण को लेकर बनाये गये प्लान कान्हा की नगरी में परवान नहीं चढ़ सके हैं। जिला प्रशासन और स्थानीय निकायों की मशक्कत के बावजूद इन समस्याओं का प्रभावी समाधान नहीं निकल सका है। बांकेबिहारी मंदिर में मोबाइल पर बैन से लेकर ई रिक्शा की कलर कोडिंग तक के प्रयास सफल नहीं हुए हैं। कान्हा की नगरी के प्रति दुनिया आकर्षित हो रही है। मथुरा वृंदावन नगर निगम क्षेत्र की कुल जनसंख्या लगभग 10 लाख है जबकि प्रतिदिन औसतन दो लाख लोग मथुरा वृंदावन के मंदिरों में दर्शन करने के लिए आते हैं।
वर्ष 2023 में जिला प्रशासन के मुताबिक छह से सात करोड श्रद्धालु यहां आये। अगर हम वीक एण्ड एवं प्रमुख पर्वों की बात करें तो यहां आने वालों की संख्या प्रतिदिन 10 लाख से लेकर 20 लाख होती है। जनसंख्या के लिहाज से देखें तो आज भी मथुरा वृंदावन नगर निगम क्षेत्र की जनसंख्या 10 लाख के आसपास है। इस धरती का सौभाग्य है कि यहां इतने लोग दर्शन करने आते हैं। व्यवस्थाओं और मंदिरों में लोगों को सुचारू रूप से दर्शन होते हैं, यह हमेशां एक बडी चुनौती होती है। इसके लिए वीक एण्ड और विशेष पर्वों पर तैयारी भी की जाती है। जहां तक सामान्य दिनों की बात है इसके लिए हम लगातार कार्य कर रहे हैं। वृंदावन में ई रिक्शा को लेकर अलग अलग ग्रुप बनाए गए हैं, कलर स्कीम बनाई गई है। जिसमें जो रिक्शा चालक हैं उनसे भी समन्वय स्थापित किया जा रहा है। कहीं न कहीं उनके रोजगार से भी जुड़ा हुआ यह मुद्दा है इसलिए सारे पहलुओं को देख कर हम लोग व्यवस्था कर रहे हैं।
वह एरिया जहां ज्यादा भीड़ होती है वहां नो एंट्री लागू की है। हमारी पार्किंग व्यवस्था है उसे भी सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। मथुरा वृंदावन रेलवे लाइन का काम अधर में अटक गया है। रेल बस सेवा भी बंद हो गई है। मथुरा से वृंदावन जाने वाली भीड की संख्या में भी लगातार वृद्धि हो रही है। प्रमुख रेलवे स्टेशन यहीं हैं। वहीं सड़कें चौडी होने की बजाय लगातार सिकुड रही हैं। लिंक मार्ग सुधर रहे हैं। बाईपास तैयार हो रहे हैं लेकिन महानगर के अंदर की यातायात व्यवस्था इस भीड के दबाव से चरमरा गई है। वहीं होटल, मोटल, रेस्टोरेंट की संख्या में बेतहाशा वृद्धि हो रही है। अनियंत्रित और अनियमित आवासीय कॉलोनियां कुकुरमुत्तों की तरह विकसित हो रही हैं। यह भी भीड़ का दबाव बढा रहा है। हालांकि 2035 मास्टर प्लान पर काम हो रहा है, इससे पहले कुछ जरूरी कदम उठाना भी आवश्यक है।
मथुरा वृंदावन नगर निगम क्षेत्र की कुल जनसंख्या लगभग 10 लाख है जबकि प्रतिदिन औसतन दो लाख लोग मथुरा वृंदावन के मंदिरों में दर्शन करने के लिए आते हैं। वर्ष 2023 में जिला प्रशासन के मुताबिक छह से सात करोड श्रद्धालु यहां आये। अगर हम वीक एण्ड एवं प्रमुख पर्वों की बात करें तो यहां आने वालों की संख्या प्रतिदिन 10 लाख से लेकर 20 लाख होती है।यह व्यवस्था भी की जा रही है कि जो श्रद्धालु बाहर से आ रहे हैं उन्हें यह पता चल जाए कि किस पार्किंग में जगह खाली है। ठाकुर बांकेबिहारी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सबसे ज्यादा होती है। इस संबंध में जनहित याचिका भी चल रही है। माननीय न्यायालय के सामने हमने प्रशासन का पक्ष रखा है। हम लोगों का प्रयास है कि यहां दिन प्रतिदिन की समस्याओं का समाधान हो सके।-शैलेन्द्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी मथुरा
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