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कलेक्ट्रेट सभागार में जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास की बैठक संपन्न हुई

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मथुरा (राजकुमार गुप्ता) सब का सपना:- कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास की बैठक हुई संपन्न। जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास की आयोजित बैठक में माननीय विधायक बल्देव पूरन प्रकाश, विधायक गोवर्धन ठाकुर मेघश्याम सिंह, जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, डीपीआरओ किरण चौधरी, जिला खनन अधिकारी आदि मौजूद रहे। बैठक में मुख्य 4 बिंदुओं पर समिति ने सहमति जताई।

जनपद मथुरा में भूतत्व एवं खनिकर्म उ०प्र० शासन द्वारा अवैध खनन / परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखे जाने हेतु तकनिकी अवसंरचनाओं के अन्तर्गत भरतपुर-मथुरा मार्ग (जनपद मथुरा स्थित जाजमपट्टी चौकी) पर स्थापित 01 चैकगेट संचालन हेतु वार्षिक अनुरक्षण हेतु ए.एम.सी. की धनराशि स्वीकृत करने के सम्बन्ध में चर्चा हुई, जिसे समिति द्वारा सहमति मिली। जनपद मथुरा में स्थापित चैकगेट का संचालन दिनांक 16.08.2023 को किए गए थे। चैकगेट से निकले वाहनों की संख्या 9087 है। निर्गत ई-नोटिसों की संख्या 1260 है। नोटिसों में निहित धनराशि रुपए 480.76 लाख है तथा वसूली की गयी धनराशि रुपए 124.61 लाख है। उक्त चेक गेट के ए.एम.सी. की धनराशि को स्वीकृत मिली।


बैठक में जिलाधिकारी के समक्ष जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास मथुरा / खनन कार्यालय मथुरा हेतु संविदा पर 01 कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं 01 चपरासी रखे जाने तथा जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास में उपलब्ध धनराशि एवं किये गये कार्यों के ऑडिट कराये जाने हेतु सी.ए. को नामित कराये जाने पर चर्चा हुई, जिसपर समिति ने उक्त सभी डिमांड को सहमति प्रदान की। माननीय एन.जी.टी. द्वारा निर्गत विभिन्न आदेशों के क्रम में जनपद मथुरा में शासनादेश संख्या 1659/86-2023 दिनांक 17.05.2023 के क्रम में नामित संस्था द्वारा जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट (डी.एस.आर.) के अपडेशन / मोडिफिकेशन का कार्य पूर्ण होने पर धनराशि निर्गत करने को समिति ने सहमति दी।


विधायक बल्देव पूरन सिंह ने बल्देव क्षेत्र के बालू के श्रोत को खोजने एवं उनके क्षेत्र के पट्टे आवंटन करने हेतु प्रस्ताव रखा जिसपर जिलाधिकारी ने जिला खनन अधिकारी को निर्देश किया कि बल्देव क्षेत्र में बालू के खनन के आयामों के प्रति कार्य किया जाए जिला खनिज फाउन्डेशन न्यास का संचालन व कार्य का विभाजन प्रतिशत में न्यास का संचालन करने हेतु जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शासी परिषद् एवं प्रबन्ध समिति का गठन किया गया है तथा नियमावली में दिये गये प्राविधानों के अनुसार न्यास में जमा धनराशि का 60 प्रतिशत उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्र क्रमशः पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण के उपाय, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, महिला एवं बाल कल्याण, वयोवृद्ध एवं निःशक्त लोगो का कल्याण, कौशल विकास एवं स्वच्छता तथा 40 प्रतिशत अन्य प्राथमिकता क्षेत्र क्रमशः भौतिक अवसंरचना, सिचाई ऊर्जा एवं जल विभाजक विकास एवं खनन वाले जिला में पर्यावरणीय गुणवत्ता में वृद्धि करने हेतु कोई अन्य उपाय में उपयोग किया जायेगा। प्रस्तावित कार्यों को कराये जाने हेतु प्रस्ताव शासी परिषद् के समक्ष विचार-विमर्श हेतु रखा जाता है तथा शासी परिषद् द्वारा प्रस्तावित कार्यों को कराये जाने अथवा न कराये के सम्बन्ध में निर्णय लिया जाता है। तत्पश्चात् अग्रिम कार्यवाही की जाती है।



“जितने वाले कुछ अलग चीज़े नहीं करते बस वो चीज़ो को अलग तरीके से करते हैं !!
“आप तब तक नहीं हार सकतें !

Anuj Goswami

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