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बेअसर साबित हो रहे अधिकारियों के निरीक्षण न सुनवाई, न कार्यवाही

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ऑक्सीजन प्लांट, पीकू वार्ड, ट्रोमा सेंटर हर जगह मिली अनियमितता

मथुरा (राजकुमार गुप्ता) सब का सपना:- अधिकारियों के निरीक्षण बेअसर साबित हो रहे हैं। न निर्देशों पर सुनवाई हो रही है और नहीं अवहेलना पर कोई कार्यवाही। सीडीओ मनीष मीना ने गुरूवार को महिला जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कि या। निरीक्षण के समय चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय मथुरा अनुपस्थित थीं। चिकित्सालय में तैनात स्टॉफ की उपस्थित पंजिका के अवलोकन से संज्ञान में आया है कि चिकित्सालय में तैनात कई कर्मचारी अनुपस्थित थे। इसके संबंध में चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय मथुरा को निर्देशित किया है कि अनुपस्थित कार्मिकों से स्पष्टीकरण प्राप्त कर उनके कार्यालय में पत्रावली पर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

इससे पूर्व 23 सितम्बर में चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय मथुरा को निर्देशित किया गया था कि आयुष्मान मित्र को ओपीडी के पास बैठाया जाये, परन्तु वर्तमान निरीक्षण में भी आयुष्मान मित्र ओपीडी से अन्यत्र स्थान पर बैठा हुआ पाया गया। जिला शासी निकाय की बैठक में निर्देश दिये जाने के उपरान्त भी निरीक्षण के समय पीकू वार्ड प्रयोग में नहीं पाया गया। साथ ही पीकू वार्ड में रखे गये उपकरणों का भी प्रयोग नहीं किया जा रहा है। चिकित्सालय में बने ट्रोमा सेंटर बन्द पाया गया। ट्रोमा सेण्टर का प्रयोग में नहीं लाया जा रहा है। आईसोलेशन वार्ड के पास बने कमरों का भी इनके द्वारा कोई प्रयोग नहीं किया जा रहा है।


बाहर से की जा रही आक्सीजन की आपूर्ति


चिकित्सालय में ऑक्सीजन प्लान्ट होने के उपरान्त भी ऑक्सीजन सलैण्डर के द्वारा बाहर से आपूर्ति ली जा रही है। उक्त के सम्बन्ध में चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय मथुरा से बाहर से ऑक्सीजन सलैण्डर की आपूर्ति लेने का कारण पूछने एवं कब-कब कितने सलैण्डर की आपूर्ति बाहर से ली गयी है कि जानकारी करने पर उनके द्वारा कोई भी जवाब नहीं दिया गया।


कल्याण समिति की धनराशि का नहीं मिला रिकार्ड


मुख्य विकास अधिकारी द्वारा निरीक्षण के समय पाया गया कि रोगी कल्याण समिति की धनराशि का कोई भी सदुपयोग नहीं किया जा रहा है। इस के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय मथुरा से रोगी कल्याण समिति की पत्रावली मांगी गयी, तो उनके द्वारा पत्रावली के बारे में भी कोई जानकारी नहीं दी गयी।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा दिये गये निर्देशों का अनुपालन नहीं किया जाता है। चिकित्सा अधीक्षिका जिला महिला चिकित्सालय मथुरा द्वारा अपने मनमाने तरीके से कार्य करने, चिकित्सालय में अव्यवस्था फैलाने एवं निरीक्षण के समय अनुपस्थित पाये जाने पर इनका माह जनवरी 2025 से अग्रिम आदेशों तक वेतन बाधित किया जाता है। साथ ही इनको निर्देशित किया जाता है कि निरीक्षण के समय पायी गयी समस्त कमियों एवं अनुपस्थित कार्मिकों का स्पष्टीकरण प्राप्त कर तीन दिवस में पत्रावली पर उनको प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें।

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