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सरकार के द्वारा चलाई जा रही है यह योजना अगर आप भी है पात्र तो मिलेंगे आपको यह लाभ पढ़े पूरी खबर
अमरोहा ( सू0वि0) जिला प्रोबेशन अधिकारी जनपद अमरोहा ने जानकारी देते हुए कहा कि ‘मिशन वात्यल्य योजना किशोर न्याय (बालको की देख-रेख एवं सरंक्षण) अधिनियम, 2015 (संशोधित 2021) के प्राविधानों के अनुसार देख-रेख एवं सरक्षण की आवश्यकता वाले तथा विधि से संर्घषरत् बच्बों के सरंक्षण, कल्याण एवं पुनर्स्थापन को सुनिश्चित करते हेतु एक समेकित योजना प्रारम्भ हुई है। मिशन वात्सल्य योजना के अन्तर्गत ऐसे परिवारो के बच्चो की चिकित्सा, शैक्षिक ओर विकासात्मक जरूरतो को पूरा करने के लिए प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) योजना का सचांलन किया गया है। उक्त योजना के अन्तर्गत पात्र बच्चो को प्रति माह रूपये 4000/- की धनराशि प्रदान किये जाने का प्रावधान है योजना की पात्रता, आवेदन की प्रकिया तथा आवश्यक अभिलेख हेतु दिशा-निर्देश निम्नवत है.- (क) प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) हेतु पात्रताः-
यदि मों विधवा या तलाकशुदा है या परिवार द्वारा परित्यक्त है, यदि बच्चे अनाथ है और विस्तारित परिवार के साथ रह रहे है, यदि माता-पिता या उनमें से कोई एक असाध्य / गम्भीर / जानलेवा रोग से ग्रसित/संक्रमित है, यदि माता-पिता आर्थिक, शारीरिक या मानसिक रूप से बच्चों की देखभाल करने में असमर्थ या अक्षम है, बच्चे जो बेघर है, किसी प्राकृतिक आपदा के शिकार, बाल विवाह, कानून से संघर्षरत, बाल-तस्करी, एच०आई०वी/एड्स प्रभावित, दिव्यांग, लापता या घर से भागे हुये, बाल वैश्यावृत्ति, बाल-श्रम, बाल भिक्षुक या सडक पर जीवनयापन करने वाले, प्रताडित उत्पीडित या शोषित किये गये एवं जिनके माता-पिता या उनमे से कोई एक जेल में है, और उन्हें सहायता और पुनर्वास की आवश्यकता है।
पी०एम० केयर्स फॉर चिल्ड्रेन योजना के अन्तर्गत आने वाले सभी बच्चे, निवारक प्रवर्तकता (प्रीवेन्टिव स्पॉन्सरशिप) हेतु परिवार की वार्षिक आय ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकतम रु0.72000/- एवं शहरी क्षेत्रों में अधिकतम रु0. 96000/- निवारक प्रवर्तकता (प्रीवेन्टिव स्पॉन्सरशिप) के ऐसे बच्चे जिनके माता-पिता दोनो अथवा वैध सरंक्षक की मृत्यु हो गई हो के प्रकरणों में परिवार की अधिकतम आय सीमा का नियम लागू नही होगा वरन् उपरोक्त बच्चो को विधिक रूप से गोद लिये जाने के पश्चात वैध अभिभावक के जीचित होने पर आय सीमा का नियम लागू होगा। निवारण प्रवर्तकता (प्रीवेन्टिव स्पॉन्सरशिप) के अतिरिक्त अन्य किसी भी प्रकार की स्पॉन्सरशिप में भी “परिवार की अधिकतम आय सीमा” का नियम लागू नही होगा,।
आवेदन की प्रकिया में वर्तमान में गैर संस्थागत श्रेणी के अन्तर्गत आने वाले सभी बच्चे स्वंय, उनके माता या पिता अथवा सरंक्षक योजना का लाम प्राप्त करने हेतु आफलाइन आवेदन जिला बाल सरंक्षण इकाई/जिला प्रोबेशन अधिकारी कार्यालय में कर सकते है। संस्थागत श्रेणी के अन्तर्गत आने वाले बच्चों को प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) का लाभ प्रदान किये जाने हेतु बाल कल्याण समिति/किशोर न्याय बोर्ड के माध्यम से जिला बाल सरंक्षण इकाई को अनुसंशा की जायेगी।
आवेदन हेतु आवश्यक अभिलेख में आधार कार्ड, आय-प्रमाण पत्र (जहां लागू हो), माता-पिता या माता या पिता या वैच अभिभावक की मृत्यु सम्बन्धी सुसंगत अभिलेख (जहां लागू हो), शिक्षण संस्थान में पंजीयन का प्रमाण पत्र (जहां लागू हो), बाल कल्याण समिति/किशोर न्याय बोर्ड का आदेश, जिसके द्वारा बच्चे को संस्थागत देख-रेख तथा प्रवर्तकता (स्पॉन्सरशिप) हेतु अनुसंशा की गयी हो (जहां लागू हो) में आश्रय दिया गया है और आयु प्रमाण पत्र आवश्यक है।
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