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ब्लड ग्रुपः मथुरा में ओ पॉजिटिव के सबसे ज्यादा, सबसे कम एबी नेगेटिव

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ब्लड बैंक में बसंत आगमन के साथ बढ़ने खून की मांग

जून, जुलाई, अगस्त में सबसे ज्यादा रहता है ब्लड बैंक पर दबाव

नवम्बर, दिसम्बर, जनवरी में घट जाती है खून की मांग

मथुरा (राजकुमार गुप्ता):- जिला चिकित्सालय की ब्लड बैंक में डोनेट होने वाले ब्लड और आने वाली डिमांड को देखते हुए यह मान जाने लगा है कि मथुरा जनपद में ओ पॉजिटिव गु्रप वाले लोगों की संख्या सबसे ज्यादा हैं, जबकि सबसे कम लोग एबी नेगेटिव ग्रुप वाले रहते हैं।

जिला चिकित्सालय की ब्लड बैंक प्रभारी रितु रंजन के मुताबिक शुक्रवार की दोपहर तक ब्लड बैंक में कुल 62 यूनिट ब्लड मौजूद था। जिसमें एक पॉजिटिव की 11, बी पॉजिटिव की 15, ओ पॉजिटिव की 31, एबी पॉजिटिव की तीन, बी नेगेटिव की एक, ओ नेगेटिव की एक यूनिट मौजूद थीं। जबकि जबकि ए नेगेटिव और एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप की कोई यूनिट जिला चिकित्सालय की ब्लड बैंक में नहीं थी। मौसम का मिजाज बदल रहा है। बसंत दस्तक दे रहा है। इसी के साथ जिला चिकित्सालय की ब्लड बैंक डिमांड बढ़ने लगी है। यह मांग लगातार बढ़ेगी और जुलाई अगस्त के महीने में अपने पीक पर होगी। जबकि नवम्बर, दिसम्बर, जनवरी में जिला चिकित्सालय में ब्लड डिमांड का दबाव वर्षभर में सबसे कम रहता है।

जिला चिकित्सालय की ब्लड बैंक की प्रभारी रितु रंजन के मुताबिक सर्दी के मौसम में ब्लड की डिमांड कम हो जाती है। औसतन 50 से 60 यूनिट महीने पर यह डिमांड आ जाती है। जबकि जुलाई अगस्त में डिमांड अधिक रहती है और प्रतिमाह ये डिमांड 150 से 160 यूनिट तक पहुंच जाती है। एक अनुमान के तहत मथुरा जनपद में ओ पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के लोगों की संख्या सबसे ज्यादा पाई जाती है। जबकि एबी नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले लोगों की संख्या कम है।

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