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श्रीमद् भागवत कथा एवं सनातन संस्कृति समागम का समापन

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मथुरा (राजकुमार गुप्ता) सब का सपना:- वृंदावन छटीकरा मार्ग स्थित कृष्णा फनलैंड में श्रीमद् भागवत कथा एवं सनातन संस्कृति समागम में सबसे पूर्व श्रीमद् भागवत कथा में क्रांति दूत बृजवासी जगतगुरु कृष्ण कन्हैया पडरेनू जी महाराज ने अपने वक्तव्य में सुदामा चरित्र सुनते हुए कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अत्यंत दिन हैं सुदामा के ऊपर कृपा की भगवान ने कृपा करके यह बता दिया की कैसा भी हो मित्र मित्र होता है आज के समय में लोग वही मित्र स्वीकार करते हैं जिन्हें पैसे वाले पोजीशन वाले हो लेकिन भगवान ने सभी को स्वीकार किया।

सनातन संस्कृति समागम में आए हुए विद्वानों में श्याम बिहारी चतुर्वेदी एवं विष्णु कामत बृजवासी ने संयुक्त रूप से कहा कि आज सनातन संस्कृति समागम की इसलिए आवश्यकता पड़ी है क्योंकि सनातन हमारा बहुत ही अस्तित्व से बाहर जा रहा है और उसको लोगों में जन-जन तक पहुंचाना हमारी भावना है क्योंकि सनातन के बारे में लोग नहीं जानते हैं हमने जो राष्ट्रीय है सनातन संस्कृति रक्षा संघ बनाया है उसमें जो बहन बेटियां जिनका संबंध विच्छेद होता है अपने परिवार से उन बेटियों को अपने-अपने घरों में भेजने का प्रकल्प बनाया है वृद्ध आश्रम तो कोई भी बनता है लेकिन जो हमारी कन्याएं अपने पति से विमुख होती जा रही हैं घर गृहस्ती से दूर होती जा रही है उनको किस तरह से पुनः घर में वापस किया जाए इसकी आज आवश्यकता है और हमारे बिंदु है सनातन संस्कृति में कि आज बच्चों में तिलक चोटिया खत्म होती जा रही है लोग तिलक लगाने से सच्चा रहे हैं इस तरह के विचार रखें।

करुणा शंकर त्रिवेदी एवं आचार्य राकेश शास्त्री एवं सौरव कृष्ण राजन कृष्ण ने अपने विचार रखते हुए कहा की सनातन क्या है सनातन में जानने की आवश्यकता है सनातन में सभी आते हैं और सभी सनातनी है सनातनी होकर के ही पैदा होते हैं इसलिए सभी को सनातन का सम्मान करना चाहिए अन्य जो विद्वान पधारे उसमें भक्ति वेदांत मधुसूदन महाराज ने सनातन के स्वरूप के बारे में चर्चा करके बताया सनातन का स्वरूप के बारे में बताया है एवं बहुत से दूर दराज से आए हुए भक्त गणों ने आकर की भागवत और समागम में सम्मिलित होकर के अपने जीवन को धन्य बनाया है आयुर्वेद सभी विद्वान सत्पुरुषों का कथा के आयोजक समागम के आयोजक पंडित राहुल द्विवेदी ने परिवार सहित सभी का सम्मानित किया है सभी को पका एवं स्मृति चिन्ह देकर के सभी का स्वागत किया है सभी का धन्यवाद किया उनके साथ में दिल्ली से आए हुए उद्यान कुलश्रेष्ठ शुभम शर्मा ने सभी का हार्दिक अभिनंदन किया है इस मौके पर बड़ी ही जन समुदाय पहुंचे हैं कथा में पधारे पुरुषोत्तम शरण अपने विचार प्रकट किए हैं इस मौके पर स्तोत्र जन समुदाय में आचार्य अनिल शास्त्री अनुज पुरोहित ममता शर्मा कृष्णा शर्मा माधव शर्मा बहुत से लोग मौजूद रहे।

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